प्रतापगढ़ में फिर टकराने से बची दो ट्रेनें

 जौनपुर एक्सप्रेस और प्रयाग-फैजाबाद पैसेंजर की आमने-सामने की टक्कर टलने की घटना का मामला अभी पूरी तरह से ठंडा भी पड़ा था कि बुधवार को फिर दो ट्रेनों की टक्कर होते-होते बच गई। सुर्खी साइडिंग मालगोदाम क्रॉसिंग पर दो पैसेंजर ट्रेनें एक ही पटरी पर दौड़ा दी गईं। कर्मचारियों ने लाल बत्ती दिखाकर हादसा होने से बचा लिया। घटना रात के समय की थी, इसलिए कर्मचारी इसको पचा ले गए। मगर, शहरी उनकी घोर लापरवाही के प्रत्यक्षदर्शी बन गए।

बताते हैं कि लखनऊ से आने के बाद पीएल पैसेंजर की रात में शटिंग कराई जा रही थी। कर्मचारी उसको लेकर सुर्खी साइडिंग मालगोदाम क्रॉसिंग की तरफ जाने लगे। इसी बीच उसी लाइन पर पीछे से वाराणसी-प्रतापगढ़ वीपी पैसेंजर आती हुई दिखाई दी। एक तरफ पीएल पैसेंजर और उसी पटरी पर पीछे से आ रही वीपी पैसेंजर को देख कर्मचारियों के हाथ-पांव फूल गए। उन्होंने फौरन लाल बत्ती दिखाकर वीपी पैसेंजर को क्रॉसिंग पार करने से पहले ही रोक दिया। आनन-फानन में पीएल को शंटिंग कराकर प्लेटफार्म पर ले गए। उसके बाद लाइन क्लीयर होने के बाद वीपी पैसेंजर चली। क्रॉसिंग बंद होेने से जाम में फंसे शहरियों ने इस घटना को करीब से देखा।

सवारी लेकर जा रहे टेपों चालक अनीश ने बताया कि लाल बत्ती लगाकर पैसेंजर को मालगोदाम से पहले रोक लिया गया। वरना, दोनों ट्रेनों में टक्कर हो जाती। बादशाहपुर से प्रतापगढ़ डेली सफर करने वाले स्टेशन रोड के छात्र अनिल केसरवानी ने बताया कि वे वीपी पैसेंजर से आ रहे थे। अचानक ट्रेन रुकी तो बाहर झांककर देखा कि क्रॉसिंग पर काफी भीड़ जमा थी। पता चला कि उसी पटरी पर कोई दूसरी ट्रेन आ गई थी। हालांकि एसएस टीएन मिश्रा ने इससे इनकार किया। रेलकर्मचारी भी इस घटना को पूरी तरह से पचा ले गए। नाम न छापने की शर्त पर कर्मचारियों ने बताया कि जिस तरह से जीआरपी के सामने डायमंड क्रॉसिंग पर प्वाइंट फेल हो जाता है। उसी प्रकार की समस्या साउथ डायमंड क्रॉसिंग पर भी बनी हुई है। वहां का भी प्वाइंट अक्सर फेल हो जाता है। शुक्र था कि वीपी पैसेंजर की स्पीड कम थी वरना बड़ा हादसा हो सकता था।