पार्टी अध्यक्ष मायावती का 62वां जन्मदिन पोलखोल और जनकल्याणकारी दिवस के रुप में मनाएंगे बसपाई

लखनऊ. पूर्व मुख्यमंत्री व बसपा अध्यक्ष मायावती का 15 जनवरी को जन्मदिन है। चूंकि बसपा कई वर्षों से सत्ता से बाहर है, ऐसे में पार्टी ने इस बार योगी सरकार की पोल को खोलने के अलावा मायावती के कार्यकाल में में शुरु की गई जनकल्याणकारी योजनाओं को जनता तक पहुंचाने का फैसला किया है। 

सूत्रों के अनुसार, मायावती की ओर से कड़े निर्देश दिए गए कि जन्मदिन पर मनोरंजन कार्यक्रम आयोजित करने के बजाय कार्यकर्ता लोगों के बीच जाए और योगी सरकार की दलित और अल्पसंख्यक विरोधी नीतियों से लोगों को रू-ब-रू कराए। साथ ही बसपा शासन के दौरान किए गए कार्यों और योजनाओं की भी जानकारी दे।

प्रदेश स्तर पर जन्मदिन मनाने की तैयारियां पूरी हो गई है। मायावती का जन्मदिन 15 जनवरी को धूमधाम से मनाए जाने का निर्णय लिया गया है। प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर ने कहा कि पूर्व के चुनाव में पार्टी के खराब प्रदर्शन को देखते हुए जन्मदिन के मौके पर कार्यकर्ताओं को आगे कड़ी मेहनत का संकल्प लेने को कहा गया है।  उन्होंने कहा कि जो नेता पार्टी छोड़ कर चले गए या नाराज होकर घर पर बैठे है। उनकी वापसी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। 

वरिष्ठ नेता प्रदीप जाटव ने कहा कि मायावती के जन्म दिन को लेकर जो जिम्मेदारी जिसे सौपी जाएगी वह उसका पूर्ण निष्ठा से पालन करेगा। इसमे किसी तरह की लापरवाही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मायावती का जन्मदिन जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है। जिला इकाइयों को जन्मदिन को लेकर बैठक आयोजित करने के निर्देश दिए गए। 

इस बार पार्टी सुप्रीमो का जन्मदिन जनकल्याणकारी दिवस के रूप में मनाया जाएगा। इसके साथ ही पार्टी की नीतियों को जन-जन तक पहुंचाने का हर संभव प्रयास किया जाएगा। 15 जनवरी को बसपा सुप्रीमो मायावती का 62 वां जन्मदिन मनाया जायेगा।