रात से ही राजधानी की सड़कों पर आलू फेंकते रहे किसान लेकिन पुलिस को भनक तक नहीं लगी

लखनऊ. फसल की सही कीमत नहीं मिलने से गुस्साए किसानों ने शनिवार को सत्ता के केंद्र यूपी राजभवन और सीएम आॅफिस के बाहर सड़कों पर आलू फेंक अपना विरोध जताया। किसानों ने कई कुंतल आलू मुख्यमंत्री आवास और विधानसभा के सामने सड़कों पर फेंक दिया। 

शुक्रवार की रात को ही किसानों ने सड़कों पर आलू फेंकना शुरू कर दिया। इस दौरान पुलिस को आलू फेंकने की भनक तक नहीं लगी। किसानों ने राजभवन के सामने भी आलू फेंका है।

आलू की कम कीमत मिलने यूपी के आलू किसान बेहद गुस्से में हैं। विरोध स्वरूप किसानों ने राजधानी लखनऊ की सड़कों पर बोरे के बोरे आलू सड़कों पर फेंक दिए। किसानों को मंडियों में 4 रुपये किलो का भाव मिल रहा है, लेकिन किसान सरकार से 10 रुपये प्रति किलो का भाव मांग रहे हैं।

राज भवन, मुख्यमंत्री आवास के पास आलू फेंके जाने की खबर से प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में सफाईकर्मियों को बुलाकर सड़कों की सफाई कराई गई। हालांकि बहुत सारा आलू वाहनों के टायरों से दबकर खराब हो गया है।

मजे की बात है कि पुलिस के साथ ही एलआइयू को भी खबर नहीं लगी। 

रात में गश्त करने का दावा करने वाली पुलिस और खुफिया विभाग का नेटवर्क भी रात में सोता रहा। इस दौरान जिला प्रशासन को भी किसानों के आलू फेंकने की जानकारी नहीं हो पाई।

मामला सामने आने के बाद लखनऊ के एसएसपी दीपक कुमार ने कहा कि आलू फेंकने वालों किसानों और वाहनों की पहचान हो गई हैं। इन लोगों के खिलाफ उचित धाराओं के तहत केस दर्ज करके कार्रवाई की जाएगी।