इंडियन मुजाहिदीन को फिर से खड़ा करने आया था सुभान कुरैशी, मुठभेड़ के बाद गाजीपुर से चढ़ा हत्थे

नई दिल्लीः दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को सोमवार को उस समय बड़ी कामयाबी हाथ लगी, जब भारत के मोस्ट वांटेड आतंकवादियों में से एक अब्दुल सुभान कुरैशी को गिरफ्तार किया गया। इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक सदस्यों में से एक अब्दुल सुभान कुरैशी को बम का एक्सपर्ट माना जाता है।

वह इंडियन मुजाहिदीन के संस्थापक भटकल भाइयों के बेहद करीबी रहा है। इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद सुभान ने बेंगलुरू और हैदराबाद की टॉप आईटी कंपनियों के साथ काम भी किया था। 

दिल्ली पुलिस और एनआई की टीम ने एक मुठभेड़ के बाद इस आंतकी को दिल्ली के गाजीपुर इलाके से गिरफ्तार किया है। अब्दुल कुरैशी को भारत का ओसामा बिन लादेन कहा जाता था, यह अपना वेश बदलने में मास्टर था। इसी के चलते इसने कई बार पुलिस को गच्चा दिया। लेकिन इस बार वह ऐसा करने में सफल नहीं रहा। स्पेशल सेल के डीसीपी प्रमोद कुशवाहा के नेतृत्व में एक टीम ने उसे गाजीपुर के पास से गिरफ्तार किया है। 

आतंकी सुभान पिछले कई सालों से नेपाल में रह रहा था। वह बिहार के रक्सौल के रास्ते नेपाल में घुसा और वहां ही रहने लगा। नेपाल में आतंकी सुभान कुरैशी अंग्रेजी के टीचर के रूप में काम कर रहा था। 

2015 से 2017 के बीच में यह सऊदी अरब चला गया था. विदेश में इसका कई लोगों से संपर्क हुआ। यह दोबारा भारत आया था क्योंकि इसे इंडियन मुजाहिद्दीन को दोबारा से खड़ा करना था। वह दिल्ली में अपने किसी साथी से मिलने के लिए आया था। इसके पास से 9 एमएम पिस्टल मिली है और कुछ कारतूस भी मिले है। इसके पास से पुलिस को नेपाल का फर्जी पासपोर्ट भी मिला है। पुलिस ने बताया कि इसको गिरफ्तार करने के दौरान दिल्ली पुलिस और एनआईए की टीम ने साझा अभियान चलाया। इस दौरान 12 से 13 राउंड फायरिंग भी हुई।

सुभान आतंकी की गिरफ्तारी पर डीसीपी प्रमोद कुशवाहा ने कहा कि यह आतंकी इंडियन मुजाहिद्दीन का फाउंडर रहा है और दोबारा से अपने आतंकी संगठन को भारत में खड़ा करने की फिराक में था। यूपी महाराष्ट्र कर्नाटक में आईएम को सक्रिय कर रहा था। 2008 में आतंकी सुभान गुजरात भाग गया था और यहां इसने रियाज भटकल के साथ धमाकों की साजिश रची थी। आतंकी सुभान पर कई राज्यों की पुलिस की नजर थी।

आतंकी अब्दुल कुरैशी दिल्ली, अहमदाबाद और बेंगलुरु में हुए ब्लास्ट में शामिल था। कुरैशी साल 2006 में मुंबई में ट्रेन में हुए ब्लास्ट का भी संदिग्ध माना जाता है. अब्दुल सुभान कुरैशी साल 2008 में गुजरात में हुए सीरियल धमाकों का मास्टर माइंड बताया जा रहा है।

अहमदाबाद में  26 जुलाई साल 2008 को शहर की 21 अलग-अलग जगहों पर धमाके हुए थे. ये सभी धमाके 70 मिनट के अंतराल में हुए। इन धमाकों में 56 लोगों की मौत हुई थी और 200 लोग घायल हुए थे। आतंकियों ने जयपुर में हुए सीरियल ब्लास्ट की तरह ही यहां भी टिफिन में बम रखे थे और इन्हें प्लांट करने के लिए साइकिल का इस्तेमाल किया था।