पूर्व फौजी का बेटा कैसा आया आतंकियों के संपर्क में, एजेंसिया जांच में जुटी

गाजीपुरः एटीएस  के द्वारा कल लखनऊ में पकड़े गए संदिग्ध शेख अली अकबर का जिसका संबंध कश्मीर में पकड़े गए आतंकियों से होना बताया जा रहा है। पकड़ा गया शेख अली गाजीपुर के जमानियां तहसील के कसेरा पोखरा गांव का रहने वाला है। शेख अली अकबर वैसे तो एक फौजी का बेटा है। लेकिन किस तरह से आतंकियों के संपर्क में आया इस बात से पूरा परिवार हैरान है। 

शेख अली चार फरवरी को इंटरव्यू देने की बात कह कर लखनऊ गया था। जहां उसके चाचा रहते है। इस घटना के बाद स्थानीय पुलिस भी इसके परिवार के पास पहुंच और भी सुराग खंगालने में लगी हुई है।

गाजीपुर के जमानियां तहसील के कसेरा पोखरा गांव में पला बड़ा शेख अली अकबर एक फौजी का बेटा है। इसका अंदाजा उसका घर देख कर लगाया जा सकता है। लेकिन किन परिस्थियों में यह आतंकियों के संपर्क में आया यह लोगों की समझ से परे है। शेख अली अकबर के पिता जफर अली  भारतीय सेना में नायब सूबेदार के पद पर थे। करीब चार वर्ष पूर्व वह रिटायर हुए थे।

एक साल पहले गाजीपुर से गांव आते समय सड़क हादसे में उनकी मौत हो गई थी। अकबर के पिता ने दो शादियां की थी। अकबर दूसरी पत्नी का पुत्र था। वह कश्मीर की रहने वाली है । लेकिन जब शेख अली की मां से बात चीत के दौरान बताया कि वो कश्मीर की नहीं बल्कि चंदौली जनपद के धानापुर की रहने वाली है। शेख अली अकबर दो भाई हैं। जो वह सबसे बड़ा है, जबकि छोटा भाई व उसकी मां गांव पर ही रहती है।

अकबर के घर वालों और गांव में किसी को भी अकबर के आतंकी गतिविधियों में संलिप्त होने की भनक तक नहीं है । करीब दो वर्ष पूर्व गांव के एक दूसरे समुदाय की नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के प्रयास के आरोप में अकबर जेल जा चुका है। हालांकि पीड़ित पक्ष से समझौता हो जाने पर वह जेल से बाहर आ गया था। जमानिया स्टेशन बाजार स्थित एफएमसीजी प्रोडक्ट की एजेंसी पर वह काम करता था।

हाल के दिनों में वह कहां था, इसकी किसी को जानकारी नहीं थी। वहीं बातचीत के दौरान शेख अली अकबर का भाई कौशर ने बताया कि खाते में आया पैसा कहां से है यह नहीं पता, भाई ने बताया था कि वो खाला का लड़का भेजा है। इसके पहले नहीं भेजा था। दो साल पहले हुए मामले मे भी भाई को फंसाया गया था। उससे अब वो बरी हो गए है। इस मामले में भी भाई को फंसाया गया है।

वहीं उसकी मां चार फरवरी को लखनऊ रवाना हुए थे इंटरव्यू देने के लिए। कल शाम में दुबई से रिश्तेदारों ने फोन करके बताया था। इनका पासपोर्ट नहीं बना है और हमारा कोई रिश्तेदार पाकिस्तान में नहीं रहता है। लखनऊ में शेख अली अकबर के चाचा रहते है उनके पास अक्सर आता जाता है और जमानियां में शेख अली एक एजेंसी में काम करता था।