अंतिम संस्कार के 10 साल बाद जिंदा हुआ ये शख्स, परिवार वालों ने घोड़े पर बैठाकर निकाली बारात

सुल्तानपुर. यूपी के सुल्तानपूर में एक अजीबो-गरीब मामला सामने आया है। जिसे सुनकर कोई भी अचंभे में पड़ जाएगा। यहां एक परिवार अपने घर के एक सदस्य का 10 साल पहले अंतिम संस्कार दिया था। लेकिन 90 साल का बुजुर्ग अपने परिवार में वापस लौट आया है। इसके बाद परिजनों ने बुजुर्ग को दूल्हे की तरह सजाकर घोड़े पर बैठाकर बारात निकाली। लोगों ने जमकर ठुमके भी लगाए। जानें पूरा मामला...

-दरअसल, यह पूरा मामला सुल्तानपुर जिले से 60 किलोमीटर दूर कादीपुर कोतवाली अंतर्गत तवक्कलपुर नगरा गांव का है।

-यहां के निवासी जस्सी बिन्द (90) लगभग 45 वर्ष पहले एकाएक मानसिक संतुलन खो बैठे थे।

-10-12 साल इसी तरह घर पर रहते हुए एकाएक वो 1971-72 में अचानक लापता हो गए थे।

-परिवार वालों ने बरसों खोजबीन किया। तांत्रिक के पास तक गये लेकिन कुछ पता नहीं चला। 

-करीब 10 साल पहले जस्सी के बड़े भाई बंसू बिन्द की मौत हो गई। उस वक्त परिजनों ने जस्सी को भी मरा हुआ मानकर उनका भी प्रतीकात्मक दाह संस्कार कर दिया था।

-पत्नी प्रतापी ने मांग से सिंदूर पोंछ दिया और विधवा जीवन जीने लगी। चार बेटों और दो बेटियों ने भी अपने को अनाथ मान लिया था,

-वहीं कुदरत का करिश्मा हो गया कि होली की रात ग्राम प्रधान घर पर आए और सूचना दिया कि जस्सी जिन्दा हैं, और वो महाराष्ट्र के नागपुर में एक हास्पिटल में हैं।

-फिर क्या था पूरे कुनबे में खुशी की लहर दौड़ उठी, आनन-फानन में परिजन जस्सी को लेने नागपुर गये। 

-नागपुर से जस्सी को लेकर जब परिजन गांव पहुंचे तो यहां पहले से खुशी में शराबोर गांव के लोग और परिजन ने बैंड बाजे के साथ जस्सी का स्वागत किया। उन्हें दूल्हे की तरह सजाकर घोड़े पर बिठाकर सभी इलाके भर में नाचे।