सुकमा के नक्सली हमले में बलिया का लाल शहीद,पिता ने कहा-'बेटे की शहादत पर फख्र'

बलिया. छत्तीसगढ़ के सुकमा में मंगलवार को नक्सली हमले में यूपी के मऊ जिले का लाल मनोज सिंह कुमार शहीद हो गया। मनोज सिंह होली की छुट्टी मनाने अपने घर आए थे। जवान की शहादत से पूरे गांव में कोहराम मचा हुआ है। वहीं शहीद के पिता का कहना है कि उन्हें अपने बेटे की शहादत पर फख्र है। शहीद मनोज सिंह का पार्थिक शरीर बनारस से दोपहर 2:30 बजे हेलीकॉप्टर से चलेगा। बलिया पुलिस लाइन में पहुंचेगा। वहां से सड़क मार्ग से शहीद का पार्थिक शरीर उनके पैतृक गांव पहुंचेगा। 

-मनोज सिंह बलिया जनपद के चितबड़ागांव थाना क्षेत्र के उसरौली गांव के रहने वाले थे। 

-शहीद अपने पीछे पत्नी सुमन और दो लड़के प्रिंस सिंह 7 साल और प्रतीक सिंह 5 साल को छोड़ गए हैं।

-शहीद की पत्नी सुमन ने बताया कि उनके पति होली पर घर आए थे, उस समय यह कहकर गए थे कि मई में 20 दिन की छुट्टी में आएंगे।

-उन्होंने बताया कि उनकी मनोज सिंह ने आखिरी बार (सोमवार)कल शाम 3 बजे हुई थी। अपनी पत्नी से बात करते हुए उन्होंने कहा था कि उन्हें हेडक्वाटर जाना है। 

 

2007 में पिता हुए थे सीआरपीएफ से रिटायर 

-शहीद के पिता नरेंद्र नारायण सिंह भी सीआरपीएफ की नौकरी से साल 2007 में रिटायर हो गए थे। शहीद मनोज कुमार सिंह के पिता भी सीआरपीएफ की नौकरी से उसी जगह से रिटायर हुए हैं जहां उनका बेटा नौकरी कर रहा था। 

-शहीद के पिता ने बताया कि मंगलवार (आज दोपहर) 3 बजे फोन आया तब जानकारी हुई कि उनका बेटा देश के लिए शहीद हो गया है। 

-उन्होंने कहा कि मेरा बेटा देश की सेवा करते-करते शहीद हो गया। मुझे बेटे की शहादत पर फख्र है।