6 सालों में 3100 पेजों में हाथ से लिखी रामचरित मानस, इस अद्भुत कार्य की हो रही है चर्चा

बुलन्दशहरः यहां एक ऐसा श्रीराम भक्त बाबा प्रकाश में आया, जिसने 6 साल में 3100 पेजों में अपने हाथों से रामचरित्र मानस अर्थात् रामायण लिखी है। हस्त लिखित रामायण को देख अद्भुत, अकल्पनीय और अविश्वसनीय मान रहा है। लेकिन हस्त लिखित रामायण लिखने वाले बाबा की चहुंओर श्रीराम भक्ति को देख और सुन प्रशंसा हो रही है। 

दिल्ली से महज 70 किलोमीटर दूर बुलन्दशहर कोतवाली देहात के गांव अपने आश्रम में बाबा बालकृष्ण कैलाश कीर्ति ने इस ऐतिहासिक कार्य को किया है।

बाबा की माने तो बचपन में ही उन्होंने श्रीराम चरित मानस का स्व हस्तलेखन लिखने का संकल्प लिया और सन्यास धारण करने के बाद रामायण लिखने में जुट गए। बाबा ने पिछले 6 सालों में 3100 पेजों में श्रीरामचरित मानस को देख पूरी रामायण अपने हाथ से लिख डाली। 

श्रीहनुमान जयंती पर श्रीराम भक्त की एक करोड़ चार लाख शब्दों में लिखी गयी इस हस्तलिखित रामायण की हर ओर चर्चा हो रही है। 

बाबा की माने तो अभीतक श्रीरामचरित्र मानस का हस्तलिखित इतना बड़ा उल्लेख कहीं नही है। टीम ने तीन महीने में बाबा की लिखी रामायण के शब्दों की गिनती की और निकंुज बाबा की इस हस्तलिखित रामायण को विश्व रिकाॅर्ड में शामिल कराने की तैयारी में जुटा है।