अब भारत भी करेगा आतंकी ठिकानों पर ड्रोन से हमला, अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ड्रोन की बिक्री को दी हरी झंडी

नई दिल्लीः बिना सैनिक भेजे भारत अब कहीं भी आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबुद कर सकता है। आतंकी ठिकानों को नष्ट करने के लिए भारत को अब अपने सैनिक नहीं भेजने पड़ेंगे। यह काम करेगा किलर ड्रोन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को ड्रोन बेचने को हरी झंडी दे दी है। भारत सहित कई सहयोगी देशों को अमेरिका ड्रोन बेचेगा। व्हाइट हाउस ने यह जानकारी दी।

इस कदम से भारत जैसे देशों को फायदा होने की उम्मीद है। व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव साराह सैंडर्स ने कहा कि अमेरिका में बनी मानवरहित हवाई प्रणाली (यूएएस) के निर्यात के लिए नई प्रशासनिक नीति भी बनाई गई है।

माना जा रहा है कि इस कदम से भारत जैसे देशों को फायदा होगा जो अमेरिका का प्रमुख रक्षा भागीदार है। भारत का इरादा अमेरिका से बड़ी संख्या में सैन्य और निगरानी ड्रोन खरीदने का है। सैंडर्स ने कल कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने राष्ट्रीय सुरक्षा ज्ञापन पर दस्तखत कर दिए हैं। इससे नई परंपरागत सैन्य स्थानांतरण (सीएटी) नीति को मंजूरी मिल गई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति के इस निर्देश के बाद भारत अमेरिका से अंततः सशस्त्र ड्रोन हासिल कर सकता है, जो सशस्त्र बलों की क्षमताओं को बदल सकता है, न सिर्फ भूमि और समुद्र को लेकर चीन और पाकिस्तान के खिलाफ बल्कि आतंकवादियों के खिलाफ भी कार्रवाई में कारगर सिद्ध हो सकता है। 

अगर भारत ड्रोन की खरीद में आगे बढता है, तो नियंत्रण रेखा के साथ आतंकवादी लांच-पैड के खिलाफ कार्रवाई में ड्रोन मददगार साबित होंगे। इन ड्रोन की बिक्री अब अमेरिकी फर्म जनरल ऑटोमिक्स जैसी कंपनियों से डायरेक्ट कमर्शियल सेल्स के माध्यम से की जा सकती है, जो कि भारतीय नौसेना के साथ 22 प्रिडेटर बी सी गार्जियन  ड्रोन की बिक्री के लिए पहले से ही भारतीय नौसेना के साथ बातचीत कर रही है।