बागपत में दलित युवक की हत्या के मामले में मानवाधिकार आयोग ने यूपी सरकार को भेजा नोटिस

लखनऊ. राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने बागपत में 19 साल के दलित युवक की हत्या और दलित परिवारों के पलायन के मामले में स्वत: संज्ञान लेते हुए यूपी सरकार को नोटिस भेजा है। मानवाधिकार ने यूपी सरकार से इस पूरे मामले में चार सप्ताह में पूरी रिपोर्ट देने के लिए कहा है। -दरअसल, यह घटना सिंघावली अहीर थाना के कमाला गांव की है। -यहां 27 अप्रैल को गांव के दर्जनों दबंगों ने गांव की लड़की को भगाकर ले जाने के आरोप में आकाश नाम के दलित युवक की पीट-पीटकर हत्या कर दी। वहीं आकाश गंभीर रुप से घायल हो गया था। -बताया जा रहा है कि दोनों बाइक पर सवार होकर गांव जा रहे थे। इसी दौरान गांव के करीब 8 से 10 दबंग कार में सवार होकर आए और उन्‍होंने आकाश और उसके दोस्त को अगवा कर लिया। इसके बाद उन्‍हें किसी स्‍थान पर ले गए। -आरोप है कि दबंगों ने आकाश और उसके साथी लोहे की रॉड, फट्टे और डंडों से पीटा गया। जिससे आकाश की की मौत हो गई और उसका दोस्त घायल हो गया। -इस घटना के बाद दलित परिवारों ने गांव से पलायन की दी चेतावनी और असुरक्षा के चलते उन्होंने अपनी बेटियों को गांव से बाहर भेज दिया था। -आरोप है कि दबंग बेटियों को अगवा करने की धमकी दे रहे हैं। ऐसे में पीड़ित दलित खौफ में जीने को मजबूर है। चार सप्ताह में मांगी पूरी रिपोर्ट -राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के नोटिस में प्रदेश के मुख्य सचिव और डीजीपी से घटना के संबंध में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। -कमीशन का कहना है कि ये मानवाधिकार का खुला उल्लंघन है। ये घटना दर्शाती है कि क्षेत्र किस तरह कानून विहीन है। इसके चलते दलित समुदाय पीड़ित है। -इसके साथ ही नोटिस में आयोग ने यह भी कहा है कि मामले में पीड़ित परिवारों को राहत और पुनर्वास के लिए क्या कदम उठाए गए है। इसकी भी पूरी जानकारी दी जाए। -वहीं मानवाधिकार आयोग ने यह भी कहा है कि इलाके में कानून व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए क्या कदम उठाए गए, रिपोर्ट में यह भी दिया जाए। -आयोग ने यूपी सरकार को चार सप्ताह में यह पूरी रिपोर्ट मांगी है।