आखिर एक पूर्व सांसद के चक्रव्यूह में फंस ही गया मुन्ना बजरंगी

मुन्ना बजरंगी की जेल में हत्या भी एक राज बन कर रह जाएगी क्योंकि हत्या करने वाला सुनील राठी तो पकड़ा गया लेकिन मास्टरमाइंड अभी भी बाहर है, अब मैं आपको बताता हूं कि ये प्लानिंग कब से चल रही थी। मोस्टवॉन्टेड मुन्ना बजरंगी को मारने की प्लानिंग आज की नहीं बल्कि लगभग एक साल से चल रही थी जब मुन्ना ने एक पूर्व सांसद की सुरक्षा हटने के बाद उसको मौत के घाट उतारने की प्लानिंग की थी तो उस पूर्व सांसद ने भी अपनी सालों पुरानी दुश्मनी का बदला लेने के लिए एक चक्रव्यूह मुन्ना के लिए तैयार किया था, जिस चक्रव्यूह में मुन्ना बजरंगी फंस भी गया और अपनी जान गवां बैठा।

इस चक्रव्यूह को रचने से पहले दोनों गैंग के लोगों और रिश्तेदारों की हत्या भी की गई। अपनी हत्या की भनक खुद मुन्ना को भी थी क्योंकि उसके दो खास शूटरों की हत्या कर दी गई थी जो कि मुन्ना के आंख और कान थे, और इसके बाद था मुन्ना का नंबर। ये बात मुन्ना को पता थी इसलिए उसकी पत्नी ने 3 दिन पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी और उसका वकील भी कभी डॉक्टर और कभी कोर्ट के चक्कर काट रहा था लेकिन परिवार और मुन्ना को हत्या की साजिश का तो पता था लेकिन स्क्रिप्ट क्या है... हत्या कौन करेगा... इसका पता मुन्ना को भी नहीं था।

अब मैं आपको इसके बैकग्राउन्ड में लेकर चलता हूं, मुन्ना के खिलाफ बागपत में रंगदारी की पहले भी एक FIR हुई थी लेकिन वो टिक नहीं पाई और खारिज हो गयी। अब तलाश एक ऐसे आदमी की थी जिसकी कंप्लेंट कोर्ट में स्टैंड हो सके तो एक पूर्व विधायक को मुन्ना बजरंगी के नाम से उसका गुर्गा धमकी दे रहा था, उसी शिकायत के आधार पर FIR दर्ज की गई लेकिन जब मैंने वो ऑडियो सुना तो मुझे कहीं नहीं लगा कि ये एक मोस्टवॉन्टेड क्रिमिनल का गुर्गा बात कर रहा है, जो इतने सालों से क्राइम की दुनिया पर राज कर रहा हो उसका गुर्गा इस सड़क छाप स्टाइल में धमकी देगा।

मुझे विश्वास नहीं होता। उस ऑडियो में वो पूर्व विधायक को झांसी जेल जाकर मुन्ना से मिलने को कह रहा है, आगे वो उसको ठेका न मैनेज करने के लिए भी धमकी दे रहा है। जब पूर्व विधायक उसका नाम पूछ रहा है तो वो कह रहा है कि वहां जाओगे तो पता चल जाएगा। अब आगे चलते हैं मुकदमा तो दर्ज हो गया लेकिन मुन्ना बजरंगी की हत्या की साजिश रचने वाले मुन्ना को बागपत ही क्यों लाना चाहते थे ? इसकी दो वजहें थीं पहला सुनील राठी और दूसरा जेल के सुरक्षा इंतजाम और सीसीटीवी।

हत्या करवाने वालों को अच्छे से पता था कि उत्तर प्रदेश की अधिकतर जेल सीसीटीवी से लैस हो चुकी हैं लेकिन बागपत जेल ऐसी है जहां अभी भी सीसीटीवी से लेकर जेल की सुरक्षा में कई खामियां हैं और मुन्ना का हर जेल में कोई न कोई वफादार मौजूद है सिर्फ बागपत जेल ही ऐसी जेल है जहां मुन्ना को आसानी से ठिकाने लगाया जा सकता है।

अब बात करते हैं सुनील राठी की... सुनील राठी भी अभी तक अपराध की दुनिया में सिर्फ 3 राज्यों तक ही सिमटा हुआ था, वो भी अपना नाम उत्तर प्रदेश समेत पूरे देश में करना चाहता था और गैंग को बड़ा करना, हाईटेक हथियार खरीदना इसके लिए उसे बहुत मोटी रकम की जरूरत थी, जो मुन्ना को मारकर ही पूरी हो सकती थी। मुझे मेरे कुछ सूत्रों ने बताया कि राठी से पूर्व सांसद ने जेल में पिछले एक साल में 3 बार मुलाकात की है और इन मुलाकातों में ही मुन्ना की मारने की प्लानिंग हुई।

आज भी उत्तर प्रदेश की जेलों में अपराधियों से बड़े लोगों की मुलाकात का कोई रिकॉर्ड नहीं रखा जाता है, शायद यही वजह है आज भी जेलों से हत्या, रंगदारी और गैंग संचालित हो रहे हैं। तो ये प्लान्ड स्क्रिप्ट लिखी गई थी मुन्ना को निपटाने के लिए। सवाल कई हैं... ये हत्या सच में गैंगवार का नतीजा है ? क्या सुनील राठी ने सिर्फ मोटा कहने की वजह से मुन्ना की हत्या कर दी ? क्या दोनों एक दूसरे की हत्या करना चाहते थे ? क्या बजरंगी की हत्या की सुपारी दी गई ? जेल में हत्या हुई तो जेलर को हिरासत में क्यों नहीं लिया गया ? क्या जेल में बड़े अपराधी हमेशा अपने साथ हथियार रखते हैं या फिर सिर्फ बजरंगी को मारने लिए उस दिन जेल में हथियार लाया गया ? ये वो सवाल हैं जिनका जवाब हर कोई जानना चाहता है।